राग देस

स्वर लिपि

स्वर आरोह में गन्धार, धैवत वर्ज्य। निषाद दोनों। शेष शुद्ध स्वर।
जाति औढव - सम्पूर्ण वक्र
थाट खमाज
वादी/संवादी रिषभ/पंचम
समय रात्रि का दूसरा प्रहर
विश्रांति स्थान रे; प; नि; सा'; - सा'; प; रे;
मुख्य अंग ध म ग रे; ग ,नि सा; रे म प नि; सा' रे' नि१ ध प
आरोह-अवरोह सा रे म प नि सा' - सा' नि१ ध प ध म ग रे ग ,नि सा;   

विशेष - यह बहुत ही मधुर राग है और ध म ग रे; ग ,नि सा; इन स्वरों से पहचाना जाता है। इस राग में षड्ज-मध्यम और षड्ज-पंचम भाव होने से यह बहुत ही कर्णप्रिय है।

यह स्वर संगतियाँ राग देस का रूप दर्शाती हैं - रे रे म ग रे ; ध प नि१ ध प ; रे' रे' म' ग' रे' ; ग' नि सा' ; ध म प; नि नि नि सा'   


राग देस की बन्दिशें - ये बन्दिशें आचार्य विश्वनाथ राव रिंगे 'तनरंग' द्वारा रचित पुस्तक 'आचार्य तनरंग की बन्दिशें भाग 1' से ली गई हैं। इस पुस्तक में 31 रागों की कुल 285 बन्दिशें और एक Audio CD है। इस पुस्तक को खरीदने के लिये कृपया हमें सम्पर्क करें

1 बडा ख्याल - एरी सखी सावन आयो
ताल - एकताल विलम्बित
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
2 ख्याल (मध्य-लय) - आज सावन छाय रह्यो रे
ताल - रूपक
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
3 होरी - होरी खेलत बनमाली रे
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
4 छोटा ख्याल - राधा संग झूलत कृष्ण कन्हाई
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
5 छोटा ख्याल - चुनरिया भिंजी भिंजी रे
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
6 छोटा ख्याल - नैना भये बावरे हो
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
7 छोटा ख्याल - रिम झिम झिम रिम झिम बरसे रे
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
8 छोटा ख्याल - सावन घन बरसे री
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
9 चतरंग - मोरी अरज सुनो श्याम तुम
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
10 सरगम - म ग रे सा रे म प
ताल - रूपक
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे


होरी - राग देस - श्री विश्वजीत विश्वनाथ रिंगे.

होरी - होरी खेलत बनमाली रे ताल - त्रिताल