राग दुर्गा

स्वर लिपि

स्वर गंधार, निषाद वर्ज्य। शेष शुद्ध स्वर।
जाति औढव - औढव
थाट बिलावल
वादी/संवादी मध्यम/षड्ज
समय रात्रि का दूसरा प्रहर
विश्रांति स्थान सा; रे; प; ध; - सा'; ध; म; रे;
मुख्य अंग म प ध ; म रे ,ध सा ; रे रे प;
आरोह-अवरोह सा रे म प ध सा' - सा' ध प ध म रे सा ,ध सा;   

विशेष - रात्रि के रागों में राग दुर्गा बहुत मधुर और सब लोगों का प्रिय राग है। रे रे म रे; ,ध ,ध सा - यह स्वर संगती राग को स्पष्ट बनाती है। सभी शुद्ध स्वर लगने के बावजूद इस राग का एक विशिष्ट वातावरण पैदा होता है जो की स्थाई प्रभाव डालने में समर्थ है। यह मूलतः दक्षिण भारतीय संगीत का राग है जो उत्तर भारतीय संगीत में भी लोकप्रिय हुआ है। मध्यम स्पष्ट लगने से यह राग खिलता है। इस राग में अवरोह में पंचम पर विश्रांति नही देनी चाहिये।

इस राग की प्रकृति न तो अधिक गंभीर है और न ही अधिक चंचल। इसमें ख्याल, तराने आदि गाये जाते हैं। यह स्वर संगतियाँ राग दुर्गा का रूप दर्शाती हैं -

रे म प ध; प ध म; म प ध ध म; ध म प ध सा'; ध ध सा'; सा' ध ध म; म प ध ; म रे ; ,ध सा;


राग दुर्गा की बन्दिशें - ये बन्दिशें आचार्य विश्वनाथ राव रिंगे 'तनरंग' द्वारा रचित पुस्तक 'आचार्य तनरंग की बन्दिशें भाग 1' से ली गई हैं। इस पुस्तक में 31 रागों की कुल 285 बन्दिशें और एक Audio CD है। इस पुस्तक को खरीदने के लिये कृपया हमें सम्पर्क करें

1 बडा ख्याल - बीती सारी रैन
ताल - एकताल विलम्बित
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
2 बडा ख्याल - दीन दयाल कर दो बेडा पार
ताल - एकताल विलम्बित
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
3 सादरा - अतुल वरदानी माँ शारदा
ताल - झपताल (मध्य लय)
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
4 छोटा ख्याल - परब्रम्ह परमेश्वर
ताल - एकताल द्रुत
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
5 छोटा ख्याल - बालमुवा मोरे घर आजा रे
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
6 छोटा ख्याल - छैला लंगरवा श्याम सलोना
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
7 छोटा ख्याल - मन मोहे ब्रिज बालिका श्याम
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
8 छोटा ख्याल - सौदामिनि कड कड के दमके
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
9 तराना - तनन तनन तन दीम
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे
10 सरगम - ध सा ध प म रे सा रे
ताल - त्रिताल
गायक - श्री प्रकाश विश्वनाथ रिंगे